वो अब अपनी सफलता की वजह किसी क्रीम या पाऊडर या किसी कोल्ड ड्रिंक को बतायेंगी। जी हम साइना नेहवाल की बात कर रही हैं। बैडमिंटन की स्टार बनकर वह इस काबिल हो गयी हैं अब। बंदा या बंदी शुरु शुरु में पूरी मेहनत और समर्पण से आगे बढ़ता है, जैसे ही आगे बढ़ता जाता है, उसे इलहाम होने लगता है कि हाय उसकी सफलता के पीछे तो फलां वाला मोबाइल फोन या फलां वाले गहने हैं। करीब 9098098308 ब्रांडों के अंबेसेडर बने एक प्लेयर से इस मसले पर विस्तार से बात हुई-
सवाल-पहले आप अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच को देते है, अब उस कोल्ड ड्रिंक को देते हैं। यह क्या मतलब है।
ब्रांड अंबेसडर -देखिये मुझे रुपये कोच से नहीं कोल्ड ड्रिंक से मिलते हैं। फिर मैं अपनी सफलता का श्रेय कोच को क्यों दूं।
सवाल-नहीं मतलब पहले आप कहते थे कि आपकी सफलता के पीछे आपकी मेहनत या आपका समर्पण है।
ब्रांड अंबेसडर-मेहनत क्या किसी कोल्ड ड्रिंक का नाम है या समर्पण बीयर के किसी ब्रांड का नाम है क्या। अगर मेहनत कोई कोल्ड ड्रिंक होता, तो मैं जरुर कहता कि मेरी सफलता के पीछे यह है। पर मेहनत अभी किसी ब्रांड का नाम नही है, सो मैं कैसे कह सकता हूं कि यह मेरी सफलता के पीछे है।
सवाल-नहीं मेरा मतलब है कि छोटे बच्चे कनफ्यूज हो जाते हैं। उन्हे यह बताओ कि आपकी सफलता के पीछे आपका हार्डवर्क है, तो वह डांटकर कहते हैं कि नहीं वो तो उस वाले कोल्ड ड्रिंक को पीकर सक्सेस हुए हैं। देखने की बात यह है कि ऐसा होना चाहिए।
ब्रांड अंबेसडर-हीही बच्चे हैं कनफ्यूज हो जाते हैं। उन्हे बताइए कि मेरी सक्सेस के पीछे अब आंटी चिप्स हैं। आंटी चिप्स का इंडोर्समेंट मैंने अभी ही शुरु किया है। इसे प्रमोट करना है। बीच में मैंने उस वाले मोबाइल को प्रमोट किया था और बताया था कि सारी सफलता मुझे इस वाले मोबाइल को खऱीदने के बाद ही मिली है।
सवाल-बच्चे आपकी बात सुनते हैं, आप उन्हे अच्छी अच्छी बातें क्यों नहीं बताते हैं।
ब्रांड अंबेसडर-मुझे अच्छी बातें दो ही लगती हैं, एक तमाम ब्रांडों का इंडोर्समेंट करना और दूसरे इस काम का पेमेंट लेना। आप बतायें इनमें से कौन जी बात बच्चों को बताऊं।
सवाल-ओफ्फो, ब्रांड रुपये इसके अलावा आप कुछ और सोचते भी हैं कि नहीं।
ब्रांड अंबेसडर-मैं रुपयों के अलावा अब डालरों पर सोचता हूं। डालर वाले इंडोर्समेंट अभी ज्यादा नहीं हैं, जब ये ज्यादा हो जायेंगे,तब इन पर भी और ज्यादा सोचूंगा।
सवाल-आपकी प्रेरणा के स्त्रोत कौन हैं। सचिन तेंदुलकर या महेंद्र सिंह धोनी।
ब्रांड अंबेसडर -महेंद्र सिंह धोनी, क्योंकि उनकी ब्रांड वैल्यू 200 करोड़ से ऊपर है। यह सम्मान अभी सचिन तेंदुलकर नहीं हासिल कर पाये हैं। रन वन से नहीं, ब्रांड वैल्यू से खिलाड़ी नामी माना जाता है। बच्चों को मेरा संदेश है कि धोनी से आगे जाकर दिखाओ और 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का माल बेचकर दिखाओ।
guru dev...alok puranik ki klam se..
शनिवार, 24 जुलाई 2010
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